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फर्जी एप लिंक भेजकर लोगों से करते थे ऑनलाइन ठगी.
गिरिडीह जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एसपी को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। सूचना में बताया गया था कि गांडेय थाना क्षेत्र में ठगी का नेटवर्क सक्रिय है। इसके बाद साइबर थाना की विशेष टीम का गठन किया गया। टीम का नेतृत्व साइबर थाना प्रभारी दिनेश कुमार ने किया। पुलिस ने संदिग्ध स्थानों की निगरानी शुरू की। धोबिया मोड़ के पास खम्भाटाड़ गांव को चिन्हित किया गया। यहां दंगल क्षेत्र में अपराधियों के सक्रिय होने की जानकारी मिली। पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की तैयारी की। कार्रवाई पूरी तरह गोपनीय रखी गई ताकि आरोपी भाग न सकें।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो युवकों को मौके से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमजद अंसारी और रजाउल अंसारी के रूप में हुई। दोनों मोबाइल फोन के जरिए लोगों को निशाना बना रहे थे। पूछताछ में आरोपियों ने ठगी की बात स्वीकार कर ली। वे व्हाट्सएप पर फर्जी लिंक भेजते थे। इन लिंक के नाम RTO e challan और बैंक केवाईसी अपडेट से जुड़े होते थे। लोग लिंक खोलते ही ठगी का शिकार हो जाते थे। आरोपी नकली एप डाउनलोड करवाकर डेटा हासिल करते थे। इसके बाद बैंक खातों से पैसे निकाल लेते थे। पुलिस ने पूरी प्रक्रिया का खुलासा किया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से छह मोबाइल फोन बरामद किए। चार सिम कार्ड और एक बाइक भी जब्त की गई। सभी सामान जांच के लिए भेज दिया गया है। इस मामले में साइबर थाना में कांड संख्या 10/2026 दर्ज किया गया। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अज्ञात लिंक पर क्लिक नहीं करने की सलाह दी गई है। साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी बताई गई। पुलिस लगातार ऐसे अपराधियों पर नजर बनाए हुए है। गिरिडीह पुलिस ने कार्रवाई को बड़ी सफलता बताया है।