jharkhand high court
सफल उम्मीदवारों को सुनवाई में शामिल करने का निर्देश.
झारखंड हाईकोर्ट में जेपीएससी मेंस परीक्षा का विवाद सामने आया है। यह मामला 11वीं से 13वीं संयुक्त परीक्षा से जुड़ा है। पहले एकल पीठ ने याचिका खारिज कर दी थी। अब याचिकाकर्ताओं ने अपील की है। डबल बेंच ने मामले की सुनवाई की। अदालत ने कहा कि फैसला चयनित अभ्यर्थियों को प्रभावित करेगा। इसलिए उन्हें प्रतिवादी बनाना आवश्यक है। कोर्ट ने दो सप्ताह की समयसीमा दी है। मामले की गंभीरता को रेखांकित किया गया है। अगली सुनवाई अहम होगी।
मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक की अध्यक्षता में सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति राजेश शंकर भी पीठ में शामिल रहे। कोर्ट ने 342 सफल अभ्यर्थियों को पक्षकार बनाने का आदेश दिया। जेपीएससी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने पक्ष रखा। आयोग ने कहा कि परीक्षा नियमों के अनुसार हुई। याचिकाकर्ताओं ने डिजिटल मूल्यांकन पर सवाल उठाए। परीक्षकों के अनुभव को लेकर भी आपत्ति जताई गई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। मामले को अगली तारीख के लिए रखा गया।
एकल पीठ ने पहले ही याचिका खारिज की थी। अदालत ने कहा था कि आपत्तियां विलंब से आईं। मूल्यांकन में कोई गंभीर अनियमितता नहीं मिली। डिजिटल प्रक्रिया को वैध बताया गया। सभी उम्मीदवारों पर समान नियम लागू थे। अब डबल बेंच में मामले की पुनः समीक्षा हो रही है। चयनित अभ्यर्थियों की भूमिका अहम हो गई है। अंतिम फैसला अभी बाकी है। राज्यभर के अभ्यर्थी परिणाम पर नजर रखे हैं। कोर्ट का निर्णय दूरगामी असर डालेगा।