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प्रशासन की देरी से बच्चों की सेहत और पढ़ाई दोनों प्रभावित हो रही
शहर की ठंड इस बार उम्मीद से ज्यादा कड़ी साबित हो रही है। तापमान में गिरावट के साथ सुबह की दिनचर्या बुरी तरह बदल गई है। दफ्तर, बाजार और परिवहन पर इसका असर साफ दिख रहा है।
लेकिन सबसे अधिक परेशानी उन बच्चों को हो रही है जिन्हें सुबह-सुबह स्कूल जाना पड़ रहा है। छह बजे का अंधेरा और तेज हवा उन्हें ठिठुरा देती है। अभिभावक चिंतित हैं कि कहीं यह मौसम उनके स्वास्थ्य को स्थायी नुकसान न पहुंचा दे।
प्रिंसिपलों का कहना है कि वे आदेश का इंतजार कर रहे हैं, जबकि हालात रोज बिगड़ रहे हैं। सवाल यह उठ रहा है कि प्रशासन को फैसला लेने में देर क्यों हो रही है। बच्चे इस देरी का सीधा नुकसान झेल रहे हैं।