jharkhand high court
सरकारी तर्कों को अदालत ने तकनीकी रूप से कमजोर माना.
झारखंड हाईकोर्ट में अवमानना से जुड़े मामलों पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने आदेशों की अवहेलना पर गंभीर रुख अपनाया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि समयसीमा का पालन जरूरी है। यह कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण टिप्पणी है।
सरकार ने भुगतान प्रक्रिया का हवाला दिया। कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से पुष्टि के बाद देरी उचित नहीं। वर्चुअल स्वीकृति की संभावना पर जोर दिया गया। अतिरिक्त समय की मांग अस्वीकार की गई।
सचिव की व्यक्तिगत उपस्थिति न होने पर कोर्ट नाराज दिखा। शपथ पत्र की वैधता पर सवाल उठे। अधिकारियों से जवाब मांगा गया। अगली सुनवाई 27 जनवरी को तय की गई।