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माध्यमिक आचार्य परीक्षा में प्रवेश पत्र बना बड़ी समस्या.
माध्यमिक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2025 को लेकर अभ्यर्थियों में निराशा है। जेएसएससी द्वारा समय पर प्रवेश पत्र जारी नहीं किए गए। इससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित रह गए। छात्रों का कहना है कि यह सीधी प्रशासनिक विफलता है। उन्होंने सभी नियमों का पालन किया था। फिर भी परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया। यह स्थिति अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित कर रही है। मामले ने अब कानूनी रूप ले लिया है। हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। आयोग की जवाबदेही तय करने की मांग उठी है।
याचिका में बताया गया है कि नई तकनीकी प्रणाली पूरी तरह असफल रही। ई-मेल और एसएमएस के माध्यम से कोई सूचना नहीं दी गई। कई अभ्यर्थी अंतिम समय तक इंतजार करते रहे। परीक्षा समाप्त होने के बाद प्रवेश पत्र जारी किए गए। इसे गंभीर लापरवाही माना गया है। आयोग की तैयारी पर सवाल उठ रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि गलती उनकी नहीं है। इसके बावजूद नुकसान उन्हें झेलना पड़ा। याचिका में इन तथ्यों को प्रमुखता से रखा गया है।
अभ्यर्थियों ने पेपर-1 की पुनः परीक्षा की मांग की है। साथ ही पेपर-2 में शामिल होने का अवसर देने की अपील की गई है। उनका कहना है कि परीक्षा निष्पक्ष होनी चाहिए। कोर्ट से त्वरित हस्तक्षेप की उम्मीद है। यह मामला हजारों छात्रों से जुड़ा है। भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर असर पड़ा है। आयोग के सुधार की आवश्यकता बताई गई है। न्यायालय का निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे भविष्य की परीक्षाओं की दिशा तय होगी।