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मार्कशीट सुधार और नंबर जांच हेतु आठ अप्रैल अंतिम अवसर.
रांची में डिप्लोमा-इन-फार्मेसी परीक्षा परिणाम प्रकाशित होने के बाद परीक्षा समिति ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। समिति ने रिटोटलिंग प्रक्रिया के लिए नई फीस संरचना लागू करने की जानकारी दी है। आदेश के अनुसार अब छात्रों को प्रति विषय 300 रुपये शुल्क देना होगा। यह शुल्क केवल डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से ही स्वीकार किया जाएगा। डिमांड ड्राफ्ट डिप्लोमा-इन-फार्मेसी परीक्षा समिति के नाम से बनाना अनिवार्य रहेगा। छात्र सीधे समिति में आवेदन जमा नहीं कर सकेंगे। सभी आवेदन संबंधित कॉलेज के माध्यम से ही भेजे जाएंगे। छात्रों को अपना आवेदन पहले कॉलेज में जमा करना होगा। इसके बाद कॉलेज के प्राचार्य आवेदन को परीक्षा समिति तक अग्रसारित करेंगे। समिति ने प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया है।
समिति ने स्पष्ट किया है कि आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 8 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है। इस दिन शाम पांच बजे के बाद कोई आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। छात्रों को समय सीमा का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। निर्धारित समय के बाद भेजे गए आवेदन स्वतः अमान्य माने जाएंगे। परीक्षा समिति ने छात्रों से जल्द आवेदन करने का आग्रह किया है। कई छात्रों ने परिणाम जारी होने के बाद नंबरों की जांच की मांग की थी। उसी के आधार पर रिटोटलिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। समिति ने कहा कि केवल नियमों के अनुसार प्राप्त आवेदन ही स्वीकार होंगे। किसी भी प्रकार की देरी की जिम्मेदारी छात्र की होगी।
मार्कशीट में त्रुटि सुधार के लिए भी अलग प्रक्रिया तय की गई है। यदि नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर या अन्य विवरण में गलती हो तो छात्र आवेदन दे सकते हैं। यह आवेदन भी कॉलेज के प्राचार्य के माध्यम से भेजना अनिवार्य रहेगा। सुधार आवेदन की अंतिम तिथि भी 8 अप्रैल ही रखी गई है। शाम पांच बजे तक ही सुधार संबंधी आवेदन लिए जाएंगे। इसके बाद किसी प्रकार का संशोधन स्वीकार नहीं होगा। समिति ने छात्रों से दस्तावेज सही तरीके से जांचने की अपील की है। कॉलेज प्रशासन को भी आवेदन समय पर भेजने का निर्देश दिया गया है। परीक्षा समिति ने आदेश का सख्ती से पालन करने की बात कही है। छात्रों को आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करने की सलाह दी गई है।