jharkhand high court
हाईकोर्ट ने सभी संस्थाओं की जिम्मेदारी तय करने के संकेत दिए.
मामले में कई संस्थाएं शामिल हैं। एआईसीटीई ने सत्र 2025-26 के लिए स्वीकृति दी थी। यह स्वीकृति 30 अप्रैल 2025 को जारी की गई थी। इसी आधार पर संस्थान ने नामांकन किया।
हालांकि नामांकन की संख्या तय सीमा से अधिक रही। इस पर झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी ने कार्रवाई की। इसके बाद विवाद गहराता चला गया।
कोर्ट ने कहा कि पूरी प्रक्रिया की जांच जरूरी है। यह देखा जाएगा कि गलती कहां हुई। जिम्मेदार अधिकारी और संस्थान तय किए जाएंगे।