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मुआवजा दिलाने के नाम पर मांगे गए पैसे, नकदी बरामद.
देवघर : झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। Anti Corruption Bureau Jharkhand की दुमका टीम ने देवघर में बड़ी कार्रवाई की। टीम ने जिला भू-अर्जन कार्यालय में छापेमारी की। जांच के दौरान रिश्वत लेने का मामला सामने आया। अधिकारियों ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति को रंगे हाथ पकड़ा गया। गिरफ्तार व्यक्ति प्रधान लिपिक का सहयोगी बताया गया है। घटना के बाद कार्यालय में हड़कंप मच गया। एसीबी ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने इसे बड़ी सफलता बताया है।
जानकारी के अनुसार गोपीपुर निवासी ब्रह्मदेव यादव ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि जमीन मुआवजा दिलाने के बदले रिश्वत मांगी जा रही थी। बाइपास सड़क निर्माण के लिए उनकी जमीन अधिग्रहित हुई थी। आरोप प्रधान लिपिक निरंजन कुमार पर लगाया गया। एसीबी ने शिकायत की जांच की। सत्यापन में आरोप सही पाए गए। इसके बाद टीम ने ट्रैप बिछाया। प्रधान लिपिक के निर्देश पर सहयोगी पैसे लेने पहुंचा। जैसे ही उसने दस हजार रुपये लिए उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान उमेश प्रसाद यादव के रूप में हुई।
गिरफ्तारी के बाद एसीबी टीम ने प्रधान लिपिक के सरकारी आवास पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान भारी नकदी बरामद हुई। घर से तीन लाख उन्नीस हजार आठ सौ रुपये मिले। बरामद राशि को जब्त कर लिया गया है। अधिकारियों ने कई दस्तावेज भी कब्जे में लिए हैं। मामले की जांच जारी है। एसीबी अधिकारियों ने सख्त कार्रवाई की बात कही है। भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। अधिकारियों ने लोगों से शिकायत करने की अपील भी की है।