jharkhand high court
विधवा याचिका पर सुनवाई, तीन सप्ताह में रिपोर्ट दाखिल करने आदेश.
रांची के झारखंड हाईकोर्ट में पारिवारिक पेंशन याचिका पर सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति आनंदा सेन की पीठ ने मामले को सुना। अदालत ने संबंधित पेंशन कमेटी को नोटिस जारी किया। ट्रस्टी कमेटी को भी जवाब देने का निर्देश दिया गया। तीन सप्ताह की समय सीमा तय की गई। याचिका अधिवक्ता की विधवा द्वारा दायर की गई है। मामला पेंशन स्वीकृति में देरी से जुड़ा है। अदालत ने प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल उठाया। न्यायालय ने निष्पक्ष जवाब मांगा। अगली सुनवाई नोटिस अवधि के बाद होगी।
याचिकाकर्ता ने बताया कि पति की मृत्यु के बाद आवेदन दिया गया था। दो वर्षों से पेंशन लंबित होने का आरोप लगाया गया। सुनवाई में झारखंड स्टेट बार काउंसिल शामिल हुई। परिषद ने याचिकाकर्ता के अधिकार का समर्थन किया। अदालत को बताया गया कि नियम स्पष्ट हैं। न्यायालय ने मामले को संवेदनशील माना। पेंशन को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ा गया। अदालत ने जवाब में देरी न करने की चेतावनी दी। मामले ने कानूनी हलकों में ध्यान खींचा। अधिवक्ता समुदाय भी फैसले पर नजर बनाए हुए है।
मृत अधिवक्ता धनबाद न्यायालय में प्रैक्टिस करते थे। उन्होंने 2022 में पेंशन फंड सदस्यता ली थी। नवंबर 2023 में निधन के बाद आवेदन जमा किया गया। Form D के साथ सभी दस्तावेज दिए गए थे। फिर भी पेंशन स्वीकृत नहीं हुई। याचिका में 12 प्रतिशत ब्याज की मांग की गई है। देरी को अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन बताया गया। नियम 14(3) पत्नी को अधिकार देता है। अदालत अब विस्तृत जवाब का इंतजार कर रही है। सुनवाई आगे महत्वपूर्ण मोड़ ले सकती है।