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परिजनों का आरोप
रोहतक, हरियाणा: हरियाणा के एक IPS अधिकारी के निधन के बाद उनके शव को परिजनों की सहमति के बिना PGIMER ले जाया गया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और पुलिस पर मनमानी करने का गंभीर आरोप लगाया है। यह घटना पहले से ही तनावपूर्ण माहौल को और विवादास्पद बना रही है।
मृतक अधिकारी के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उन्हें शव को स्थानांतरित करने से पहले सूचित नहीं किया गया और न ही उनकी सहमति ली गई। यह मामला ऐसे समय में आया है जब मृतक ने अपनी मृत्यु से पहले ‘जाति-आधारित भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न, सार्वजनिक अपमान और अत्याचार’ के गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों के बाद, रोहतक के SP नरेंद्र बिजारनिया को हटाकर उनकी जगह सुरिंदर सिंह भोरिया को नियुक्त किया गया है। परिजनों ने न्याय और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के इन आरोपों ने प्रशासनिक हलकों में गहन जाँच की आवश्यकता को बल दिया है।
पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पूरे घटनाक्रम पर जाँच बिठा दी है। उन्होंने परिजनों को आश्वासन दिया है कि शव को स्थानांतरित करने के मामले में हुई लापरवाही और मृतक द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जाँच की जाएगी।