jharkhand high court
जांच में लापरवाही पर अदालत ने एसपी को दी चेतावनी.
बोकारो की युवती गुमशुदगी मामले में हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया। कोर्ट ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। एफआईआर दर्ज करने में देरी को गंभीर माना गया। अदालत ने पूछा कि कार्रवाई समय पर क्यों नहीं हुई। एसपी से जवाब मांगा गया और जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा गया। कोर्ट ने व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य कर दी। जांच में पारदर्शिता बनाए रखने का निर्देश दिया गया। अदालत ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। मामले की निगरानी न्यायालय स्वयं कर रहा है। सुनवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।
एसपी ने कोर्ट में समय मांगते हुए संशोधित शपथ पत्र देने की बात कही। अदालत ने जांच की प्रगति का विवरण मांगा। अधिवक्ताओं ने पुलिस की धीमी कार्रवाई पर सवाल उठाए। कोर्ट ने युवती की बरामदगी को प्राथमिकता देने को कहा। पुलिस ने छापेमारी और जांच की जानकारी दी। एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है। उसका नार्को टेस्ट कराने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस ने जांच जारी रहने की बात कही। अदालत ने जांच की गति बढ़ाने का आदेश दिया। अगली सुनवाई की तारीख तय की गई।
मामले में युवती की मां ने हेवियस कॉर्पस याचिका दाखिल की है। युवती पिछले वर्ष जुलाई से लापता बताई गई है। परिवार को एक कॉल के जरिए सुराग मिला था। पुलिस ने कॉल करने वाले युवक को पकड़ा था। पूछताछ में पुणे का कनेक्शन सामने आया। आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। इससे जांच में नई चुनौती खड़ी हो गई। युवती की तलाश अभी जारी है। कोर्ट ने सीबीआई जांच की संभावना जताई है। अगली सुनवाई में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत होगी।