jharkhand high court
उम्र सीमा निर्धारण को लेकर अभ्यर्थियों ने मांगी न्यायिक हस्तक्षेप.
Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट में जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा बैकलॉग 2026 से जुड़ी याचिका पर सुनवाई हुई। यह मामला वर्ष 2021 के विज्ञापन 5/2026 और वर्ष 2024 के विज्ञापन 6/2026 से संबंधित है। अमित कुमार सहित कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया को चुनौती दी है। सुनवाई न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में हुई। कोर्ट ने मामले को महत्वपूर्ण बताते हुए सभी पक्षों की दलील सुनी। याचिकाकर्ताओं ने भर्ती नियमों में असमानता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि परीक्षा में देरी से उम्मीदवारों को नुकसान हुआ है। अदालत ने आयोग और राज्य सरकार से जवाब मांगा।
याचिकाकर्ताओं ने अधिकतम आयु सीमा वर्ष 2018 के आधार पर तय करने की मांग रखी। उनका कहना है कि लंबे समय तक परीक्षा नहीं होने से कई अभ्यर्थी पात्रता से बाहर हो गए। कोर्ट ने इस तर्क को रिकॉर्ड पर लिया। न्यायालय ने संबंधित विभागों को स्पष्ट जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि सभी तथ्य और नियम लिखित रूप में प्रस्तुत किए जाएं। इसके बाद ही आगे निर्णय लिया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल तय की गई है।
जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने आयोग का पक्ष रखा। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप बताया। अदालत ने दोनों पक्षों को समय पर जवाब देने को कहा। इस सुनवाई के बाद अभ्यर्थियों में उम्मीद बढ़ी है। प्रतियोगी परीक्षा से जुड़े छात्र फैसले का इंतजार कर रहे हैं। मामला राज्य की प्रमुख भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा होने के कारण चर्चा में बना हुआ है। आगामी सुनवाई में महत्वपूर्ण निर्देश जारी होने की संभावना है।