jharkhand high court
राज्य सरकार को जल्द कार्रवाई करने का निर्देश.
यह मामला अजोम मोटीवेट नामक संस्था से जुड़ा हुआ है। संस्था ने भुगतान नहीं मिलने के खिलाफ याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। न्यायालय ने कहा कि समय पर भुगतान करना प्रशासनिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। कोर्ट ने राज्य सरकार को दो सप्ताह के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही अनुपालन रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने को कहा गया। मामले की अगली सुनवाई छह अगस्त को होगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के मामलों का समय पर समाधान आवश्यक है।
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान वित्तीय समन्वय के मुद्दे को भी उठाया। न्यायालय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच किसी भी प्रकार की वित्तीय समस्या का भार ठेकेदारों पर नहीं डाला जा सकता। यदि कार्य पूरा हो चुका है तो भुगतान रोके रखना अनुचित है। अदालत ने मौखिक रूप से इस पर असंतोष व्यक्त किया। महाधिवक्ता को निर्देशित किया गया कि संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर भुगतान प्रक्रिया तेज की जाए। न्यायालय ने कहा कि इससे कई लंबित मामलों का समाधान संभव हो सकता है। अदालत ने प्रशासनिक स्तर पर बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने भुगतान से जुड़े पहलुओं की समीक्षा की। इस मामले को प्रशासनिक जवाबदेही से जोड़कर भी देखा गया। कोर्ट ने कहा कि समयबद्ध भुगतान व्यवस्था जरूरी है।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि बोकारो जिले में सोलर सिंचाई योजना के तहत कार्य पूरा किया गया था। इसके बावजूद लगभग तीन वर्षों से भुगतान लंबित है। उन्होंने कहा कि इससे संस्था को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अधिवक्ता ने इसे मनमाना और अनुचित कदम बताया। दूसरी ओर राज्य सरकार ने निधि की कमी का हवाला दिया। सरकार ने कहा कि योजना केंद्र से मिलने वाले अनुदान पर आधारित थी। आवश्यक राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण भुगतान नहीं हो पाया। अदालत ने इस स्पष्टीकरण को सुनने के बाद भी मामले को गंभीर माना। अब निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने की जिम्मेदारी सरकार पर है। हालांकि इस संबंध में मंत्री कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।