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अंतिम संस्कार से लौट रहे तीन ग्रामीण हादसे का शिकार.
पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा क्षेत्र में लगातार बारिश के बीच बड़ा हादसा हो गया। रविवार देर शाम छोटानागरा थाना क्षेत्र के बहदा गांव में तीन ग्रामीण कुइली नदी में बह गए। इनमें दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। हादसे में बोसेन सिद्धू, प्यारी सिद्धू और सुनीता सिद्धू के बहने की सूचना है। बोसेन सिद्धू बहदा गांव के मुंडा रोया सिद्धू के पिता बताए गए हैं। प्यारी सिद्धू उनकी चाची हैं। सुनीता सिद्धू बामिया सिद्धू की पत्नी हैं। तीनों ग्रामीण एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वे अपने घर लौट रहे थे। घर लौटते समय उन्हें कुइली नदी पार करनी पड़ी।
इसी दौरान पहाड़ी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। पानी बढ़ने के साथ नदी का बहाव भी काफी तेज हो गया। तीनों ग्रामीण नदी की तेज धार में फंस गए। देखते ही देखते पानी उन्हें अपने साथ बहाकर ले गया। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल बचाने का प्रयास किया। लोगों ने नदी के आसपास काफी देर तक खोजबीन की। हालांकि तेज बहाव के कारण उन्हें तत्काल सफलता नहीं मिली। अंधेरा होने के बाद भी ग्रामीणों ने तलाश बंद नहीं की। देर रात तक नदी और आसपास के इलाकों में खोजबीन चलती रही। करीब साढ़े नौ बजे प्यारी सिद्धू का शव ग्रामीणों को मिल गया।
प्यारी सिद्धू का शव मिलने के बाद उसे नदी से बाहर निकाला गया। वहीं बोसेन सिद्धू और सुनीता सिद्धू अभी भी लापता हैं। दोनों की तलाश में ग्रामीण जुटे हुए हैं। घटना की सूचना पुलिस को भी दी गई। सूचना मिलने के बाद छोटानागरा थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी जुटाई। मनोहरपुर डीएसपी डेविड ए. डोडराय ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस को ग्रामीणों के माध्यम से घटना की सूचना मिली थी। पुलिस और ग्रामीण मिलकर लापता दोनों लोगों की तलाश कर रहे हैं। घटना के बाद बहदा गांव में शोक की लहर है। हादसे ने ग्रामीणों को गहरे सदमे में डाल दिया है।