ranchi civil court
योगेश कुमार की अदालत ने आवेदन किया खारिज.
14वीं जेपीएससी फर्जीवाड़ा मामले में आरोपी रक्षक सिंह को जमानत नहीं मिल पाई है। अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। रक्षक सिंह ने 27 अगस्त को अदालत में जमानत आवेदन दाखिल किया था। आवेदन में उसने जमानत देने का अनुरोध किया था। अदालत ने सुनवाई के बाद उसकी मांग को स्वीकार नहीं किया। इस फैसले के साथ उसकी जमानत की कोशिश फिलहाल विफल रही है।
रक्षक सिंह TDPL एजेंसी का अकाउंटेंट है। 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के संचालन की जिम्मेदारी इसी एजेंसी को मिली थी। परीक्षा से जुड़े कथित फर्जीवाड़े की जांच सीआईडी के स्तर पर चल रही है। जांच के दौरान रक्षक सिंह भी जांच के दायरे में आया। सीआईडी ने छह अगस्त को उसे लखनऊ से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद मामले में उसकी भूमिका की जांच की गई।
जमानत के लिए उसने 27 अगस्त को अदालत का रुख किया था। अदालत में सुनवाई के बाद जमानत याचिका खारिज कर दी गई। इससे आरोपी को फिलहाल न्यायालय से राहत नहीं मिली है। मामले में जांच एजेंसी की कार्रवाई अभी जारी है। सीआईडी केस से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
14वीं जेपीएससी मामले में अब तक 20 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष एल ख्यागते भी शामिल हैं। मामले में कई आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। एजेंसी परीक्षा से संबंधित घटनाक्रम और कथित अनियमितताओं की जानकारी जुटा रही है। रक्षक सिंह की गिरफ्तारी भी इसी मामले में हुई थी। अदालत के ताजा आदेश के बाद उसकी जमानत याचिका खारिज हो गई है। मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।