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नीतीश के सपने अधूरे रह गए, अब सवालों का पहरा
शुक्रवार की सुबह ईस्ट बस्ताकोला का वातावरण बहुत भारी था। सरकारी कुएं के पास पड़े लहूलुहान शव ने सभी को हिलाकर रख दिया। यह शव मात्र 16 वर्ष के नीतीश का था। वह गरीब परिवार से था और परिवार की मदद के लिए काम करता था।
परिजन बताते हैं कि गुरुवार रात अनिल नामक युवक ने उसे घर से बुलाया। फिर वह घर नहीं लौटा। अगली सुबह उसकी मौत की खबर आई। शरीर पर गहरी चोटें थीं। यह कोई हादसा नहीं बल्कि क्रूर हमला था।
लोग इस घटना को गंभीर अपराध मान रहे हैं। पुलिस जांच कर रही है और कई लोगों से पूछताछ की जा रही है। गांव के लोग न्याय की मांग कर रहे हैं। यह हत्या कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती है।
