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भारतीय नौसेना की ताकत में एक और अहम इजाफा हुआ है। तीसरा बड़ा सर्वेक्षण पोत ‘इक्षक’ आधिकारिक तौर पर नौसेना को सौंप दिया गया है। यह पोत समुद्री निगरानी, हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण और समुद्री डेटा संग्रह जैसे अहम कार्यों में इस्तेमाल किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, यह पहला SVL (Survey Vessel Large) पोत है जिसमें महिला अधिकारियों और नाविकों के लिए विशेष आवास सुविधा दी गई है। यह कदम नौसेना में लैंगिक समानता और समावेशिता को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
‘इक्षक’ को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया गया है ताकि समुद्र विज्ञान और नौवहन सुरक्षा से जुड़ी जानकारी का सटीक और तेज संग्रह किया जा सके। इसके जरिए तटीय क्षेत्रों की मैपिंग, समुद्र की गहराई का मापन और समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस पोत के शामिल होने से हिंद महासागर में भारत की सामरिक उपस्थिति और भी मजबूत होगी। यह पोत शोध और समुद्री रक्षा, दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस पोत का निर्माण ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत किया गया है, जो रक्षा उत्पादन में देश की बढ़ती क्षमताओं को दर्शाता है। इससे न केवल नौसेना की परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी बल्कि भारत को स्वदेशी रक्षा तकनीक में भी मजबूती मिलेगी। ‘इक्षक’ का नौसेना में शामिल होना भारत की समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक हितों के लिए ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।