jharkhand high court
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कानूनी पक्ष.
झारखंड हाईकोर्ट ने जमानत से जुड़ी प्रक्रिया को दोहराया है।
कोर्ट ने कहा कि आत्मसमर्पण कानूनी शर्त है।
इसके बिना याचिका स्वीकार नहीं की जा सकती।
यह टिप्पणी नवीन केडिया के मामले में की गई।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों का अध्ययन किया।
रिकॉर्ड में उपलब्ध तथ्यों को भी देखा गया।
इसके बाद जमानत याचिका खारिज कर दी गई।
फैसले में कानून के स्थापित सिद्धांतों का उल्लेख किया गया।
यह आदेश भविष्य के मामलों के लिए भी अहम माना जा रहा है।
इससे स्पष्ट संदेश गया है कि प्रक्रिया सर्वोपरि है।
आरोपी को पहले कानून के सामने प्रस्तुत होना होगा।
तभी राहत पर विचार संभव होगा।