resam kishnan of jharkhand
प्राइवेट ग्रेन्योर के रूप में मिला राष्ट्रीय पुरस्कार.
दुमका के मधुबन निवासी रेशम किसान शंभूनाथ देहरी को राष्ट्रीय सम्मान मिला है। उन्हें केंद्रीय रेशम बोर्ड के 77वें स्थापना दिवस पर पुरस्कृत किया गया। समारोह बेंगलुरु के गांधी कृषि विज्ञान केंद्र में हुआ। उन्हें प्राइवेट ग्रेन्योर श्रेणी में पुरस्कार दिया गया। केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने शंभूनाथ को सम्मानित किया। उनके कार्य को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
शंभूनाथ देहरी रेशम के क्षेत्र में काम करते हैं। वह निजी स्तर पर रेशम बीज उत्पादन से जुड़े हैं। इसी क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें पुरस्कार मिला। समारोह में झारखंड के किसान को सम्मान मिलने से राज्य का नाम रोशन हुआ। सरकारी सूचना के अनुसार, यह सम्मान झारखंड के लिए गौरव का विषय है। दुमका के किसान की उपलब्धि से स्थानीय स्तर पर भी खुशी है। राष्ट्रीय मंच पर सम्मान मिलने से रेशम क्षेत्र में उनकी पहचान मजबूत हुई है।
केंद्रीय रेशम बोर्ड का स्थापना दिवस समारोह बेंगलुरु में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में रेशम क्षेत्र से जुड़े कई प्रतिनिधि शामिल हुए। विभिन्न राज्यों के विभागीय अधिकारी भी समारोह में पहुंचे। झारखंड के हस्तकरघा, रेशम एवं हस्तशिल्प विभाग के निदेशक भी वहां उपस्थित थे। केंद्रीय कपड़ा मंत्री ने समारोह के दौरान विभिन्न श्रेणियों में सम्मान प्रदान किया। इसी क्रम में शंभूनाथ देहरी को प्राइवेट ग्रेन्योर का पुरस्कार दिया गया। उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली।
शंभूनाथ को मिला सम्मान निजी बीज उत्पादन के क्षेत्र से संबंधित है। रेशम उत्पादन में गुणवत्तापूर्ण बीज की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसी क्षेत्र में काम करने वाले शंभूनाथ को राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अन्य राज्यों के निदेशक और कई पदाधिकारी भी मौजूद थे। समारोह के दौरान रेशम क्षेत्र से जुड़े कार्यों और उपलब्धियों को सम्मान दिया गया। दुमका के किसान की उपलब्धि ने झारखंड को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। राज्य के रेशम क्षेत्र के लिए इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया है। शंभूनाथ देहरी के सम्मान से दुमका का नाम भी राष्ट्रीय स्तर पर सामने आया है। इस उपलब्धि को झारखंड के लिए गौरवपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है।