jharkhand high court
भविष्य में अशांति की आशंका पर तुरंत कार्रवाई का निर्देश.
झारखंड हाईकोर्ट ने बोकारो स्टील प्लांट में विस्थापितों के आंदोलन से जुड़े मामले की सुनवाई की। अदालत ने कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर जिला प्रशासन को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा कि भविष्य में शांति भंग होने की आशंका पैदा होती है तो प्रशासन को समय रहते कदम उठाना चाहिए। किसी बड़ी घटना के होने का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि हालात बिगड़ने से पहले जरूरी कार्रवाई करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। सुनवाई के दौरान बोकारो के उपायुक्त की ओर से स्थिति की जानकारी दी गई। उपायुक्त ने अदालत को बताया कि स्टील प्लांट के सभी 11 प्रवेश द्वार खुले हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्लांट में अधिकारियों और कर्मचारियों की आवाजाही सामान्य हो गई है। प्रशासन के अनुसार, क्षेत्र में शांति बहाल कर दी गई है। याचिकाकर्ता ने भी सुनवाई के दौरान हालात सामान्य होने की बात कही। इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया। हालांकि, अदालत ने प्रशासन को स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने का निर्देश दिया। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली पीठ ने की। इससे पहले 18 अक्टूबर को भी अदालत ने कानून व्यवस्था को लेकर निर्देश जारी किए थे। उस समय प्रशासन को कर्मचारियों की आवाजाही बाधित नहीं होने देने को कहा गया था।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि विस्थापितों के आंदोलन के कारण प्लांट के सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए थे। उसके मुताबिक, करीब नौ दिनों तक आवागमन प्रभावित रहा था। इस दौरान लगभग 15 हजार अधिकारी और कर्मचारी प्लांट के भीतर फंसे हुए थे। बाहर मौजूद कर्मचारियों को भी अंदर जाने में परेशानी हो रही थी। याचिका में प्लांट के कामकाज पर पड़े प्रभाव का भी उल्लेख किया गया था। आरोप के अनुसार, आंदोलन से उत्पादन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण इकाइयां प्रभावित हुई थीं। ब्लास्ट फर्नेस का संचालन बाधित होने की बात कही गई थी। सिंटर प्लांट और स्टील मेल्टिंग शॉप पर भी असर पड़ने का दावा किया गया था। अदालत ने प्रशासन से पहले ही इस मामले में जवाब मांगा था। अब उपायुक्त के बयान के बाद अदालत ने याचिका का निपटारा किया है। इसके बावजूद प्रशासन को भविष्य में ऐसी स्थिति पैदा होने से रोकने के लिए सतर्क रहना होगा। हाईकोर्ट ने अपने निर्देश में समय रहते हस्तक्षेप करने के महत्व पर जोर दिया। मामले में फिलहाल प्रशासन की ओर से स्थिति सामान्य होने की जानकारी दी गई है। आगे किसी तरह की अशांति की आशंका पर प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने होंगे। अदालत के निर्देश का उद्देश्य प्लांट में सामान्य कामकाज और शांति बनाए रखना है।