jharkhand high court
छह वर्षीय बच्ची की बरामदगी को लेकर जांच जारी.
गुमला से वर्ष 2018 में लापता हुई छह वर्षीय बच्ची के मामले में झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। बच्ची के लापता होने के बाद से उसकी बरामदगी नहीं हो सकी है। उसकी मां ने हाईकोर्ट में हेवियस कॉर्पस याचिका दाखिल की है। अदालत इस याचिका पर लगातार सुनवाई कर रही है। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने जांच की मौजूदा स्थिति की जानकारी दी। सरकार ने बताया कि मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को चिह्नित किया जा रहा है। इसके लिए आईजी प्रोविजन मयूर पटेल की अध्यक्षता में वन मैन कमेटी बनाई गई है। कमेटी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने का काम कर रही है। सरकार के अनुसार कमेटी ने इस प्रक्रिया के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय मांगा है। इसके लिए गृह विभाग को पत्र भी भेजा गया है।
मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य आरोपी से जुड़े जांच कार्य की जानकारी भी अदालत को दी गई। सरकार ने बताया कि मुख्य आरोपी के गांधीनगर में दो पूरक टेस्ट कराए गए थे। इन दोनों टेस्ट की रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है। रिपोर्ट आने के बाद जांच में उससे जुड़े तथ्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। इस बीच मुख्य आरोपी का रिम्स में साइकोलॉजिकल इवैल्यूएशन टेस्ट कराने की तैयारी है। इसके लिए गुमला के सक्षम न्यायालय से आवश्यक अनुमति ले ली गई है। अब रिम्स से परीक्षण की तारीख मिलने का इंतजार किया जा रहा है। तारीख मिलने के बाद आरोपी का साइकोलॉजिकल इवैल्यूएशन कराया जाएगा। जांच टीम इस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है। बच्ची की बरामदगी के लिए जांच को आगे बढ़ाने की कोशिश जारी है।
अदालत ने राज्य सरकार से जांच की प्रगति की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी है। अदालत ने अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया पर भी जानकारी देने को कहा है। सरकार को अगली सुनवाई में अब तक की कार्रवाई से कोर्ट को अवगत कराना होगा। मुख्य आरोपी के टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद जांच को नई दिशा मिल सकती है। रिम्स में होने वाला मनोवैज्ञानिक परीक्षण भी जांच के लिए महत्वपूर्ण होगा। मामले में कई वर्षों से बच्ची की बरामदगी का इंतजार किया जा रहा है। परिवार की ओर से लगातार न्याय और बच्ची को खोजने की मांग की जा रही है। हाईकोर्ट मामले की प्रगति पर नजर रख रहा है। अगली सुनवाई के दौरान जांच से जुड़े नए तथ्यों पर चर्चा होगी। मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को निर्धारित की गई है।