jharkhand high court
अभ्यर्थियों की याचिका खारिज, अलग चुनौती का विकल्प खुला.
रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) में भर्ती प्रक्रिया को लेकर दायर याचिका खारिज कर दी है। याचिका में विभिन्न पदों के परिणाम घोषित करने की मांग की गई थी। मामले की सुनवाई जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में हुई।
अदालत ने स्पष्ट किया कि भर्ती विज्ञापन जारी होने से किसी आवेदक को नियुक्ति का कानूनी अधिकार नहीं मिल जाता। चयन प्रक्रिया में भाग लेने से भी नौकरी की गारंटी नहीं होती। इस मामले में याचिकाकर्ताओं को एक अन्य कानूनी विकल्प दिया गया है। वे विश्वविद्यालय के 27 जनवरी 2026 के आदेश को चुनौती दे सकते हैं। इसी आदेश के तहत वर्ष 2023 में जारी नियुक्ति विज्ञापन रद्द किया गया था।
याचिका इशाक कच्छप, बिलेंद्र राम और मो. संजर आलम ने दायर की थी। उनकी ओर से अधिवक्ता अफसर रजा ने पक्ष रखा। बीएयू की ओर से अधिवक्ता अभिजीत कुमार सिंह अदालत में उपस्थित हुए। विश्वविद्यालय के वकील ने सुप्रीम कोर्ट के शंकरसन दास बनाम भारत संघ फैसले का उल्लेख किया। उस फैसले के मुताबिक, किसी पद के लिए आवेदन करने या चयन प्रक्रिया में शामिल होने से नियुक्ति का निश्चित अधिकार पैदा नहीं होता। हाईकोर्ट ने इस कानूनी सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए याचिका खारिज कर दी।
मामले की शुरुआत दो मार्च 2019 को जारी भर्ती विज्ञापन से हुई थी। बीएयू ने उस समय प्लंबर, हेल्पर और अन्य पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। याचिकाकर्ताओं ने निर्धारित योग्यता के आधार पर आवेदन किया था। विश्वविद्यालय ने उन्हें प्रवेश पत्र भी जारी किए थे। इसके बाद अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया में हिस्सा लिया, लेकिन परिणाम घोषित नहीं हुए। नतीजे जारी करने की मांग को लेकर झारखंड कर्मचारी मजदूर मोर्चा ने आठ जुलाई 2021 को विश्वविद्यालय को पत्र भेजा। इसके बाद 30 जनवरी 2023 को विश्वविद्यालय ने संबंधित पदों के लिए नया विज्ञापन जारी किया। याचिकाकर्ताओं ने इस बार भी आवेदन किया था। इसके बावजूद भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। परिणाम प्रकाशित नहीं होने के कारण अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का रुख किया। उन्होंने अदालत से नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने और नतीजे घोषित करने का अनुरोध किया था। हाईकोर्ट ने उनकी मुख्य मांग स्वीकार नहीं की। हालांकि, विज्ञापन रद्द करने के विश्वविद्यालय के फैसले को चुनौती देने का रास्ता खुला रखा गया है।