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मोबाइल पर बिल दिखाकर पैसे लेने की शिकायत.
रांची में नगर निगम के नाम पर कथित फर्जी टैक्स वसूली का मामला सामने आया है। शहर के अलग-अलग वार्डों में कुछ लोग टैक्स कलेक्टर बनकर पहुंच रहे हैं। बताया गया है कि टैक्स कलेक्शन एजेंसी का एग्रीमेंट समाप्त होने के बाद यह स्थिति सामने आई है। ये लोग घरों पर जाकर लोगों से टैक्स बकाया होने की बात कहते हैं। मोबाइल फोन पर नगर निगम का बिल दिखाकर वे लोगों से पैसे मांगते हैं।
बकाया होल्डिंग टैक्स और वाटर टैक्स की राशि दिखाने की बात सामने आई है। वार्ड 31 में छह से सात लोगों से पैसे लिए जाने की जानकारी स्थानीय स्तर पर मिली है। कुछ लोगों को बकाया रकम कम कराने का भरोसा भी दिया गया है। कुछ मामलों में राशि माफ कराने की बात कहे जाने की भी जानकारी है। मोबाइल में बिल मौजूद होने के कारण लोगों को उन पर भरोसा हो जाता है। इसके बाद कथित कलेक्टर टैक्स भुगतान के नाम पर नकद या अन्य तरीके से रकम ले लेते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार इन व्यक्तियों को मोहल्ले की अच्छी जानकारी रहती है। वे लोगों से ऐसे बात करते हैं जैसे पहले से उन्हें जानते हों।
कई लोगों को चाचा या चाची कहकर संबोधित करने की बात कही गई है। वे परिवार के सदस्यों के नाम तक बताने की कोशिश करते हैं। इसके बाद मोबाइल में नगर निगम का संबंधित बिल खोला जाता है। बिल में होल्डिंग नंबर और बकाया राशि दिखाई जाती है। इससे लोगों को यह विश्वास हो जाता है कि सामने वाला निगम से जुड़ा कर्मचारी है। इसी भरोसे का फायदा उठाकर उनसे राशि लेने का आरोप है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर शिकायतें सामने आई हैं। वार्ड पार्षद सुनील यादव ने भी लोगों से ऐसी शिकायतें मिलने की पुष्टि की है।
पार्षद ने बताया कि कई लोगों ने मौखिक रूप से टैक्स कलेक्टर को लेकर शिकायत की है। उन्होंने कहा कि अभी पैसे लेने वाले व्यक्तियों की पहचान स्पष्ट नहीं है। मामले की जानकारी नगर निगम को भी दी गई है। स्थानीय नागरिकों ने संदिग्ध कलेक्टरों की पहचान करने की मांग की है। लोगों ने ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई है। नागरिकों का कहना है कि निगम को टैक्स भुगतान के अधिकृत माध्यम की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। इससे लोग सही प्रक्रिया के जरिए टैक्स जमा कर सकेंगे। साथ ही फर्जी वसूली करने वालों से बचने में मदद मिलेगी। लोगों ने नगर निगम से इस संबंध में जागरूकता अभियान चलाने की मांग भी की है। फिलहाल मामले में सामने आई शिकायतों की जांच और आगे की कार्रवाई का इंतजार है।