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10 सितंबर के पत्र से वेतन भुगतान की उम्मीद बढ़ी.
झारखंड में सीजीएल से नियुक्त अफसरों को लेकर कार्मिक विभाग ने नया आदेश जारी किया है। 10 सितंबर के आदेश में विभागों और कार्यालयों को नियुक्त अफसरों से काम लेने को कहा गया है। इस निर्देश के बाद उनके वेतन भुगतान की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना बनी है। अब तक आधिकारिक आदेश नहीं मिलने के कारण नियुक्त कर्मी असमंजस में थे। हाईकोर्ट की रोक के बावजूद काम लेने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। ट्रेजरी नियमों के कारण बिना विभागीय आदेश के वेतन बिल पास नहीं किए जा सकते थे। सरकार ने 18 अगस्त को सीजीएल अफसरों की नियुक्ति रद्द कर दी थी। इसके बाद नियुक्त अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। अदालत ने सरकार के इस फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी थी। अब कार्मिक विभाग के नए आदेश से प्रशासनिक स्तर पर स्थिति कुछ स्पष्ट हुई है।
सीजीएल भर्ती के लिए जून 2023 में 2015 रिक्त पदों का विज्ञापन निकाला गया था। जनवरी 2024 में परीक्षा आयोजित हुई, लेकिन प्रश्नपत्र लीक होने का विवाद सामने आने के बाद प्रक्रिया प्रभावित हुई। फरवरी 2024 में परीक्षा स्थगित कर दी गई थी। सितंबर 2024 में पुनर्परीक्षा आयोजित की गई थी। दिसंबर 2024 में इसका परिणाम घोषित किया गया था। जनवरी 2025 में असफल अभ्यर्थियों की शिकायत के बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा था। दिसंबर 2025 में अदालत ने दस संदिग्धों का परिणाम रोककर अन्य अभ्यर्थियों की मेरिट सूची जारी करने का आदेश दिया था। इसके बाद 8 दिसंबर को 1932 अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी गई थी। जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी थी। इसके बावजूद बाद में परीक्षा प्रक्रिया को लेकर विवाद और आंदोलन जारी रहा।
22 जुलाई 2026 को सीआईडी ने अभय तिवारी को गिरफ्तार किया था। 18 अगस्त को सरकार ने जांच के बाद जेएसएससी-सीजीएल सहित टीडीपीएल की 22 परीक्षाओं के परिणाम रद्द कर दिए थे। इससे 1932 नियुक्त अभ्यर्थियों की नौकरी समाप्त हो गई थी। 21 अगस्त को हाईकोर्ट ने सरकार के इस फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी थी। इसके बाद नियुक्त अभ्यर्थियों ने काम और वेतन को लेकर प्रशासनिक आदेश का इंतजार किया। 27 अगस्त को सीआईडी ने दिल्ली से सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार को गिरफ्तार किया था। 28 अगस्त को चार नियुक्त अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी की गई थी। 30 अगस्त को समीर कुमार पकड़ा गया था। 7 सितंबर को पटना से राजन कुमार और कुंदन कुमार को गिरफ्तार किया गया था। 8 सितंबर को हाईकोर्ट ने अपनी अंतरिम रोक बरकरार रखते हुए राज्य सरकार से 15 सितंबर तक जवाब मांगा था। अब 10 सितंबर के कार्मिक विभाग के आदेश के बाद सीजीएल अफसरों के काम करने और वेतन भुगतान को लेकर रास्ता साफ होता दिख रहा है।