jharkhand high court
250 मीटर आदेश रोका, 500 और 400 मीटर सीमा तय.
रांची में झारखंड हाईकोर्ट ने पर्यावरण से जुड़े मामले में सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने माइनिंग और स्टोन क्रशर की दूरी को लेकर अंतरिम आदेश दिया है। पहले लागू 1 किलोमीटर की शर्त में आंशिक संशोधन किया गया है। अब स्टोन माइनिंग को जंगल से 500 मीटर दूर रखना होगा। वहीं स्टोन क्रशर के लिए 400 मीटर की दूरी तय की गई है। कोर्ट ने 250 मीटर वाले सरकारी आदेश को फिलहाल रोक दिया है। इस फैसले से पुराने नियम फिर से लागू हो गए हैं। यह आदेश पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखकर दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 18 जून 2026 को होगी। तब तक यही व्यवस्था लागू रहेगी।
अदालत ने झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को अहम निर्देश दिए हैं। बोर्ड को 1 किलोमीटर के भीतर दी गई सभी अनुमतियों की जांच करनी होगी। इसके लिए विस्तृत सर्वे कराया जाएगा। रिपोर्ट 1 जून 2026 तक कोर्ट में जमा करनी होगी। राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्यों के लिए 1 किलोमीटर का नियम पहले जैसा रहेगा। राज्य सरकार ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा था। सरकार का कहना था कि 1 किलोमीटर का नियम सभी वन क्षेत्रों पर लागू नहीं होता। उन्होंने 200 मीटर दूरी को पर्याप्त बताया था। लेकिन अदालत ने इस तर्क को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने पर्यावरण को प्राथमिकता दी।
अदालत ने कहा कि 500 मीटर से घटाकर 250 मीटर करना सही नहीं था। यह निर्णय बिना ठोस आधार के लिया गया था। इससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो सकता था। कोर्ट ने precautionary principle लागू किया है। इसका मतलब है कि पहले से सावधानी बरतना जरूरी है। पर्यावरणीय नुकसान अक्सर स्थायी होता है। इसलिए सख्त नियम जरूरी हैं। इस फैसले से खनन गतिविधियों पर असर पड़ेगा। साथ ही पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी। अब अंतिम निर्णय अगली सुनवाई में लिया जाएगा।