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सीआईडी ने पूछताछ तेज की, आधिकारिक कारण अबतक स्पष्ट नहीं हुआ.
रांची में झारखंड लोक सेवा आयोग से जुड़े कथित गड़बड़ी मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। सीआईडी और रांची पुलिस इस पूरे मामले की संयुक्त जांच कर रही हैं। इसी क्रम में सीआईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार लोगों को हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए लोगों में असिस्टेंट एग्जामिनेशन कंट्रोलर श्वेता गुप्ता भी शामिल हैं। सभी से सीआईडी की टीम विस्तार से पूछताछ कर रही है। इस कार्रवाई के बाद जेपीएससी से जुड़े मामलों पर फिर चर्चा तेज हो गई है। जांच एजेंसी सभी तथ्यों को क्रमवार जोड़ने का प्रयास कर रही है। संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों से आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल जांच जारी है।
जानकारी के अनुसार श्वेता गुप्ता का 22 मई को खाद्य आपूर्ति विभाग में तबादला किया गया था। इसके बाद भी उन्होंने दोबारा जेपीएससी में कार्यभार संभाल लिया। इस पूरे घटनाक्रम की जांच एजेंसी समीक्षा कर रही है। आरोप है कि आयोग के कई कर्मचारियों को महत्वपूर्ण कार्य नहीं दिए गए थे। परीक्षा से जुड़े कई अहम दायित्व श्वेता गुप्ता के पास ही थे। सीआईडी इस व्यवस्था के कारणों की भी पड़ताल कर रही है। विभागीय रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है। अधिकारियों से कई बिंदुओं पर पूछताछ हो रही है। जांच के दौरान दस्तावेजी साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है। पूरे मामले की गहन जांच जारी है।
सीआईडी ने अभी तक हिरासत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि पूछताछ किस विशेष मामले में हो रही है। जांच पूरी होने के बाद अधिक जानकारी सामने आ सकती है। एजेंसी हर पहलू का सत्यापन कर रही है। संबंधित विभागों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच सावधानी से आगे बढ़ रही है। प्रशासनिक स्तर पर भी इस कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगी। फिलहाल आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। सीआईडी की जांच इस मामले में लगातार जारी है।