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टीएसपीसी के आह्वान पर पुलिस ने बढ़ाई सतर्कता.
चतरा समेत सात जिलों में टीएसपीसी के बंद के ऐलान के बाद पुलिस सतर्क हो गई है। प्रतिबंधित संगठन ने 24 से 26 सितंबर तक बंद बुलाया है। यह आह्वान नक्सली बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता के मारे जाने के विरोध में किया गया है। बृजेश गंझू पर 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वह वाराणसी में यूपी एटीएस के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। टीएसपीसी ने बंद का दायरा पूरे झारखंड तक नहीं रखा है। संगठन ने सात जिलों को बंद के लिए चिन्हित किया है। इनमें चतरा, हजारीबाग, पलामू, लातेहार, गढ़वा, लोहरदगा और गुमला शामिल हैं।
चतरा पुलिस ने बंद को देखते हुए सुरक्षा प्रबंध मजबूत किए हैं। सभी थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्रों में लगातार पेट्रोलिंग करने को कहा गया है। पुलिस को संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश मिला है। प्रमुख मार्गों और बाजारों में भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। पुलिस संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ सूचनाएं जुटा रही है। किसी भी तरह की आशंका सामने आने पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से बिना डर के सामान्य कामकाज करने की अपील की है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त बल तैनात रहेगा। लोगों से धमकी मिलने की स्थिति में तत्काल पुलिस को जानकारी देने को कहा गया है। पोस्टरबाजी या आगजनी जैसी घटना होने पर भी तुरंत सूचना देने की अपील की गई है। संदिग्ध गतिविधि की जानकारी साझा करने में देरी नहीं करने को कहा गया है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार टीएसपीसी का प्रभाव पिछले कुछ समय में लगातार कम हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि संगठन में अब पहले की तुलना में बहुत कम लोग सक्रिय हैं। इसके बावजूद तीन दिनों का बंद बुलाकर संगठन अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश कर रहा है।
सात जिलों का चयन इसी उद्देश्य से जुड़ा होने की बात पुलिस अधिकारियों ने कही है। बंद के दौरान किसी तरह की अवैध गतिविधि को रोकने के लिए पुलिस ने तैयारी की है। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और गश्त लगातार जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से किसी अफवाह पर भरोसा नहीं करने की अपील की गई है। किसी भी सूचना को सही मानने से पहले पुलिस या प्रशासन से पुष्टि करने को कहा गया है। पुलिस ने साफ किया है कि आम लोगों को डराने या धमकाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।