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PT, Mains और रिजल्ट व्यवस्था में बदलाव पर जोर.
रांची : JSSC परीक्षा को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ सरकार ने बातचीत की। कई दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों की मांगों पर वार्ता के दौरान विस्तार से चर्चा हुई। सरकार और छात्रों के बीच परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई। इसमें JSSC परीक्षा को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के कई प्रस्ताव सामने आए। 50 हजार से अधिक अभ्यर्थियों वाली परीक्षा को दो स्तरों में कराने पर सहमति बनी। ऐसे मामलों में पहले PT परीक्षा आयोजित की जाएगी। PT के बाद उपलब्ध पदों के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन Mains के लिए किया जाएगा। Mains में पदों की संख्या के 15 गुना अभ्यर्थियों को शामिल करने का प्रस्ताव है। इस बदलाव से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को व्यवस्थित तरीके से परीक्षा में शामिल किया जा सकेगा। सरकार ने परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेने की बात कही है।
Mains परीक्षा को कंप्यूटर आधारित CBT मोड में कराने की दिशा में काम किया जाएगा। CBT मोड को प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है। इससे परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी सुरक्षा बढ़ाने में मदद मिल सकती है। PT परीक्षा को लेकर भी नई रणनीति तैयार करने की बात कही गई है। PT को अधिक सुरक्षित तरीके से कराने के लिए व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा। परीक्षा परिणाम की जानकारी को भी पहले से ज्यादा पारदर्शी बनाने पर चर्चा हुई। प्रस्तावित व्यवस्था में अभ्यर्थियों को अपने अंकों की जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही रिजेक्ट होने वाले अभ्यर्थियों को कारण बताने की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाएगा। इससे अभ्यर्थियों को अपने प्रदर्शन और परिणाम को समझने में मदद मिलेगी। परीक्षा प्रक्रिया में स्पष्टता बढ़ने से छात्रों के बीच भरोसा मजबूत होने की उम्मीद है।
परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सुविधाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। परीक्षा केंद्र के बाहर शिकायत और ग्रिवांस की व्यवस्था उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। इससे परीक्षा के दौरान किसी परेशानी की स्थिति में अभ्यर्थी अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। परीक्षा केंद्रों पर पेयजल की सुविधा सुनिश्चित करने की बात कही गई। इसके अलावा अभ्यर्थियों की अन्य जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया। छात्रों की मांगों में परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाना प्रमुख मुद्दा रहा है। सरकार की ओर से इन विषयों पर सुधार की दिशा में कदम उठाने का भरोसा दिया गया है। वार्ता में बनी सहमति को आंदोलन के बीच महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। अब प्रस्तावित सुधारों को जमीन पर लागू करने की प्रक्रिया अहम होगी। छात्रों की नजर सरकार की अगली कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था में होने वाले बदलाव पर बनी हुई है।