jharkhand high court
हाईकोर्ट में दाखिल हुई जनहित याचिका.
Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट में 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की सीबीआई जांच की मांग की गई है। इस संबंध में प्रार्थी बसंत प्रसाद ने जनहित याचिका दाखिल की है। याचिका में 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में बड़े पैमाने पर कथित धांधली का आरोप लगाया गया है। प्रार्थी ने परीक्षा में अनियमितता के साथ पैसे लेकर पद देने के आरोपों का भी उल्लेख किया है। इस मामले में फिलहाल सीआईडी की जांच चल रही है। प्रार्थी का कहना है कि मौजूदा सीआईडी जांच मामले की गंभीरता के लिहाज से पर्याप्त नहीं है। याचिका में कहा गया है कि कथित अनियमितताओं में प्रभावशाली लोगों की भूमिका हो सकती है। ऐसे में निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई को जांच सौंपने की मांग की गई है। प्रार्थी ने हाईकोर्ट से मामले में उचित आदेश देने का आग्रह किया है।
याचिका में सिर्फ 14वीं जेपीएससी परीक्षा की जांच तक मामला सीमित नहीं रखने की मांग की गई है। प्रार्थी ने TDPL द्वारा आयोजित जेपीएससी और जेएसएससी की सभी परीक्षाओं की जांच की मांग की है। याचिका के अनुसार झारखंड में TDPL द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं में भी कथित गड़बड़ियां हुई हैं। प्रार्थी ने आरोप लगाया है कि कुछ अभ्यर्थियों को गलत तरीके से परीक्षा में सफल कराया गया। उन्होंने TDPL से जुड़ी सभी परीक्षाओं के रिकॉर्ड की जांच कराने का आग्रह किया है। इसमें जेपीएससी की ओर से TDPL के माध्यम से आयोजित परीक्षाएं भी शामिल हैं। इसके साथ ही जेएसएससी की TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं को भी जांच के दायरे में लाने की मांग की गई है। प्रार्थी के अनुसार सभी संबंधित परीक्षाओं की एक साथ जांच जरूरी है। इससे कथित अनियमितताओं के पैटर्न और जिम्मेदार लोगों की भूमिका सामने आ सकती है।
प्रार्थी ने याचिका में सीबीआई जांच को जरूरी बताते हुए हाईकोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि मामले की व्यापक जांच से परीक्षा प्रक्रिया में हुई कथित गड़बड़ियों का पता चल सकेगा। याचिका में परीक्षा से संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की मांग भी की गई है। प्रार्थी ने कथित तौर पर गलत तरीके से सफल कराए गए अभ्यर्थियों की प्रक्रिया की जांच का आग्रह किया है। इसके अलावा परीक्षा आयोजन से जुड़े लोगों की भूमिका की भी पड़ताल करने की मांग की गई है। फिलहाल सीआईडी इस पूरे मामले का अनुसंधान कर रही है। प्रार्थी का दावा है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्रीय एजेंसी से जांच कराना जरूरी है। जनहित याचिका के जरिए हाईकोर्ट के समक्ष सीबीआई जांच की मांग रखी गई है। अब इस मामले में अदालत की सुनवाई और उसके आदेश पर नजर रहेगी। मामले की आगे की दिशा हाईकोर्ट की कार्यवाही के बाद स्पष्ट होगी।