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हाईकोर्ट ने 2019 से पदोन्नति और अन्य लाभ देने का आदेश दिया.
झारखंड हाईकोर्ट ने RIMS के 28 शिक्षकों के प्रोन्नति विवाद में उनके पक्ष में फैसला सुनाया है। अदालत के इस आदेश से लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसरों को राहत मिली है। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने दोनों श्रेणियों के शिक्षकों की अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई की। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जेनिथ हर्ष केरकेट्टा एवं अन्य ने अपनी प्रोन्नति को लेकर याचिका दाखिल की थी। वहीं, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. उपेंद्र प्रसाद साहू एवं अन्य ने भी पदोन्नति की मांग की थी। अदालत ने असिस्टेंट प्रोफेसरों की याचिका पर उनके दावे को सही माना। कोर्ट ने RIMS प्रशासन को सभी संबंधित प्रार्थियों को एक जुलाई 2019 से एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर प्रोन्नत करने का निर्देश दिया। उन्हें इस पदोन्नति के साथ मिलने वाले अन्य उत्तरोत्तर लाभ भी देने होंगे। एसोसिएट प्रोफेसरों की याचिका पर भी अदालत ने प्रार्थियों को राहत दी। कोर्ट ने डॉ. उपेंद्र प्रसाद साहू एवं अन्य को एक जुलाई 2019 से एडिशनल प्रोफेसर के पद पर प्रोन्नति देने का आदेश दिया। इस श्रेणी के शिक्षकों को भी पदोन्नति से जुड़े सभी अन्य लाभ देने होंगे। अदालत ने दोनों मामलों में RIMS नियमावली के अनुसार कार्रवाई करने को कहा है। संस्थान को आठ सप्ताह के भीतर प्रोन्नति का लाभ उपलब्ध कराना होगा। इस फैसले से शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांग को कानूनी राहत मिली है।
प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता शेखर प्रसाद गुप्ता ने अदालत में पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 से प्रोन्नति की प्रक्रिया लंबित थी। RIMS प्रबंधन ने कई बार शिक्षकों को साक्षात्कार के लिए बुलाया था। इसके बावजूद उन्हें पदोन्नति नहीं दी गई। अधिवक्ता ने अदालत को संस्थान की 55वीं जनरल बॉडी मीटिंग के प्रस्ताव की जानकारी दी। इस बैठक में RIMS नियमावली 2014 के तहत योग्य शिक्षकों को प्रोन्नति देने का प्रस्ताव पारित हुआ था। इसके बाद संस्थान की प्रोन्नति कमेटी ने भी संबंधित शिक्षकों की योग्यता पर विचार किया था। कमेटी ने वर्ष 2024 में दोनों मामलों के सभी 28 प्रार्थियों को प्रोन्नति के योग्य पाया था। इसके बावजूद RIMS प्रशासन ने पदोन्नति का लाभ नहीं दिया। इसी वजह से शिक्षकों को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करनी पड़ी। अब अदालत के आदेश के बाद प्रबंधन को निर्धारित आठ सप्ताह में आवश्यक कार्रवाई करनी होगी।