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हरिशरण देवगन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस.
झारखंड की नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका हरिशरण देवगन की ओर से दाखिल की गई है। इसमें 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा और JSSC-CGL-2024 की कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच की मांग की गई है। याचिका में सीआईडी द्वारा जांच के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों को सुरक्षित रखने का निर्देश भी मांगा गया है। याचिकादाता ने अपनी याचिका में अपनी साख से संबंधित जानकारी भी दी है। उन्होंने अपनी सालाना आय 50 लाख रुपये बताई है। मामले पर 24 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने की। पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना भी शामिल थे। याचिकादाता की ओर से सुनवाई के दौरान सीबीआई के साथ न्यायिक जांच की मांग रखी गई। कोर्ट ने न्यायिक जांच की मांग को खारिज करते हुए फॉरेंसिक जांच की जरूरत की बात कही।
अदालत ने सीबीआई जांच की मांग पर राज्य सरकार समेत अन्य पक्षों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। याचिका में 14वीं सिविल सेवा परीक्षा के विज्ञापन संख्या 1/26 के तहत हुई परीक्षा का उल्लेख किया गया है। इस विज्ञापन के माध्यम से 103 पदों पर नियुक्ति के लिए प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की गई थी। याचिकादाता ने परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। याचिका में JSSC-CGL परीक्षा को भी शामिल करने की मांग की गई है। इस परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच सीआईडी कर रही है। याचिकादाता ने कहा है कि उन्हें सीआईडी अधिकारियों की नीयत पर कोई संदेह नहीं है। लेकिन उन्होंने सीआईडी जांच को इस मामले में पर्याप्त प्रभावी नहीं बताया है। उनका कहना है कि मामला राज्य की भर्ती संस्थाओं की कार्यप्रणाली से जुड़ा है। इसके साथ परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और संस्थाओं की विश्वसनीयता का मुद्दा भी जुड़ा हुआ है। इसी आधार पर याचिकादाता ने सीबीआई जांच को उचित विकल्प बताया है।
झारखंड सरकार ने नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर 18 अगस्त को कई फैसले लिए थे। सरकार ने कुल 22 परीक्षाओं के विज्ञापन रद्द कर दिए थे। छह नियुक्ति प्रक्रियाओं को स्थगित किया गया था। वहीं 17 परीक्षाओं को अनियमितता की आशंका के कारण जांच के दायरे में रखा गया था। नियुक्ति घोटाले को लेकर सीआईडी ने प्राथमिकी संख्या 16/26 दर्ज की है। जांच के दौरान JPSC और JSSC कार्यालय में छापेमारी की गई थी। छापेमारी के बाद JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष एल ख्यांगते सहित कुल 19 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है। सरकार ने छात्रों के आंदोलन और उनकी मांगों के बाद कई नियुक्ति परीक्षाओं पर कार्रवाई की। हालांकि सीबीआई जांच की मांग पर सरकार ने सहमति नहीं दी। इसके बाद हरिशरण देवगन ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की। अब संबंधित पक्षों के जवाब मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट इस मामले में आगे की सुनवाई करेगा।