radhakrishna kishore
वित्त मंत्री ने मुख्य सचिव से समाधान निकालने का आग्रह किया.
झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मानव संपदा पोर्टल खोलने के लिए मुख्य सचिव को फिर पत्र लिखा है। उन्होंने हर तीन महीने में सात दिनों के लिए पोर्टल खोलने का सुझाव दिया है। वित्त मंत्री ने कहा कि इससे प्रक्रियात्मक जटिलताएं कम होंगी। कर्मचारियों को संपत्ति का विवरण दर्ज करने में सुविधा मिलेगी। उन्होंने इस प्रस्ताव पर विचार करने का आग्रह किया है।
इससे पहले वित्त मंत्री मुख्य सचिव को पत्र लिख चुके हैं। उन्होंने कार्मिक सचिव से भी पोर्टल खोलने में आने वाली वैधानिक बाधाओं की जानकारी मांगी थी। हालांकि, उन्हें इस संबंध में जवाब नहीं मिला। वित्त मंत्री ने कर्मचारियों की समस्या का समाधान करने पर जोर दिया है। उन्होंने प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल बनाने की आवश्यकता बताई है। पोर्टल खोलने से कर्मचारियों को अतिरिक्त अवसर मिलेगा।
झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने भी इस मांग का समर्थन किया है। संगठन ने कहा कि कनीय कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े मामलों का समय पर निपटारा होना चाहिए। इससे वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमा पर कोई असर नहीं पड़ता है। एसोसिएशन ने फाइलों को अनावश्यक रूप से घुमाने पर चिंता जताई है। संगठन ने सभी नियमों और नियमावलियों का पालन करने की बात कही है। उसने कहा कि किसी भी तरह की अनियमितता नहीं होनी चाहिए। एसोसिएशन ने मानवीय आधार पर प्रशासनिक निर्णय लेने की अपील की है।
23 अक्टूबर को मुख्य सचिव को लिखे पत्र में वित्त मंत्री ने पुलिस एसोसिएशन के आग्रह का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि संगठन के पदाधिकारियों ने पोर्टल खोलने की मांग की थी। कार्मिक सचिव ने जानकारी दी थी कि पोर्टल जनवरी और फरवरी में खुलता है। उन्होंने अन्य महीनों में इसे खोलने को ईज ऑफ गवर्नेंस के सिद्धांत के विरुद्ध बताया था। वित्त मंत्री ने इस व्यवस्था पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि 300 से अधिक कनीय पुलिस पदाधिकारी समय पर संपत्ति का विवरण दर्ज नहीं कर पाए हैं। ऐसे कर्मचारियों के लिए पोर्टल खोलना जरूरी है। इससे कार्मिक विभाग को कोई प्रशासनिक या वित्तीय नुकसान नहीं होगा। वित्त मंत्री ने कर्मचारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की बात कही है। पुलिस एसोसिएशन ने भी प्रशासनिक देरी को चिंताजनक बताया है। संगठन ने कहा कि नियमों का पालन करते हुए कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। अब मुख्य सचिव के स्तर पर प्रस्ताव पर विचार किया जाना है। पोर्टल खोलने को लेकर सरकार के फैसले का इंतजार है।