ranchi civil court
जांच अधूरी होने पर सीआईडी विशेष अदालत ने जमानत याचिका ठुकराई पूरी.
रांची की सीआईडी विशेष अदालत ने बोकारो के चास प्रखंड स्थित तेतुलिया गांव की 103 एकड़ जमीन से जुड़े मामले में आरोपी शैलेश कुमार सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। न्यायालय ने प्रथम दृष्टया आरोपी की भूमिका को गंभीर माना। इसी कारण जमानत देने से इनकार किया गया। यह मामला सीआईडी के कांड संख्या 4/2025 के तहत दर्ज है। जांच एजेंसी लगातार मामले की जांच कर रही है। अदालत ने कहा कि जांच पूरी होने तक सभी तथ्यों की पड़ताल आवश्यक है। फैसले के बाद जांच एजेंसी की कार्रवाई जारी रहेगी। यह मामला लंबे समय से चर्चा में बना हुआ है। अब जांच के अगले चरण पर सभी की नजर है।
सीआईडी की जांच में आरोप है कि वर्ष 2012 में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 103 एकड़ जमीन की जमाबंदी की गई थी। इस मामले में तत्कालीन अंचल अधिकारी की भूमिका सामने आई थी। सरकार ने जांच के बाद उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया था। मामले में तत्कालीन एसडीओ पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। भूमि सुधार उप समाहर्ता की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अंचल निरीक्षक, राजस्व कर्मचारी और अमीन भी जांच के दायरे में हैं। सीआईडी सभी संबंधित रिकॉर्ड का परीक्षण कर रही है। अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया जारी है। जांच एजेंसी आवश्यक साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। मामले में आगे और कार्रवाई की संभावना है।
जानकारी के अनुसार सतनपुर और तेतुलिया की पहाड़ एवं वन भूमि सरकार ने बोकारो इस्पात संयंत्र को दी थी। संयंत्र द्वारा भूमि का उपयोग नहीं किए जाने के कारण वह लंबे समय तक खाली रही। वर्ष 1980 और 2013 के रिवीजनल सर्वे में इस जमीन का रिकॉर्ड दर्ज था। इन 33 वर्षों में किसी व्यक्ति ने जमीन पर दावा नहीं किया। इसके बावजूद वर्ष 2012 में कथित रूप से फर्जी आधार पर जमाबंदी कर दी गई। बाद में अनियमितता सामने आने पर सरकार ने जांच शुरू कराई। जांच में गड़बड़ी मिलने के बाद संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की गई। अब पूरे प्रकरण की जांच सीआईडी कर रही है। अदालत के फैसले से जांच प्रक्रिया को नया बल मिला है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी।