HEMANTA SOREN
पुनर्वास, सामाजिक समरसता और ओपन जेल व्यवस्था पर सरकार का विशेष फोकस.
झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद की बैठक मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में आजीवन कारावास भुगत रहे कैदियों के मामलों पर विस्तार से विचार किया गया। कुल 79 मामलों की समीक्षा की गई। परिषद द्वारा भेजे गए नए और पुराने दोनों प्रस्तावों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने प्रत्येक मामले की पूरी जानकारी प्रस्तुत की। कानूनी प्रावधानों और पात्रता के सभी मानकों की जांच की गई। बंदियों के आचरण और जेल रिकॉर्ड का भी मूल्यांकन किया गया। संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट को आधार बनाया गया। विस्तृत समीक्षा के बाद 26 कैदियों की रिहाई को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने न्याय के साथ मानवीय दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेल से रिहा होने वाले लोगों को समाज में नई पहचान और सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने पुनर्वास की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने का निर्देश दिया। अधिकारियों से कहा गया कि रिहा व्यक्तियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री ने सभी प्रमंडलों में ओपन जेल स्थापित करने की दिशा में तेजी लाने को कहा। भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव जल्द प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि सुधारात्मक व्यवस्था अपराधियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है। सरकार इसी सोच के साथ आगे बढ़ रही है। न्याय और संवेदनशीलता दोनों को समान महत्व दिया जा रहा है। इससे समाज में विश्वास और संतुलन मजबूत होगा। बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय भी लिए गए।
मुख्यमंत्री ने मानसिक रूप से बीमार बंदियों का डाटाबेस तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जाना चाहिए। सरकार उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सुधार का अवसर हर पात्र व्यक्ति को मिलना चाहिए। इससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव होगा। बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, डीजीपी तदाशा मिश्रा, नीरज कुमार श्रीवास्तव, सुदर्शन प्रसाद मंडल और न्यायिक आयुक्त अनिल कुमार मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने कारागार सुधार और पुनर्वास पर अपने सुझाव दिए। बैठक में लिए गए निर्णयों को प्रभावी रूप से लागू करने पर सहमति बनी। सरकार ने न्याय, संवेदनशीलता और मानवता आधारित प्रशासन की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।