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30 मई तक सभी लंबित कार्य पूरे करने का अंतिम मौका.
रांची में रिम्स की स्थिति को लेकर न्यायालय ने सख्त फैसला लिया है। अस्पताल में स्टाफ की भारी कमी बनी हुई है। डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की भर्ती लंबित है। मशीनों की खरीद प्रक्रिया भी अधूरी है। भवन निर्माण और मरम्मत कार्य में देरी हो रही है। इन समस्याओं पर कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है। पहले भी समय सीमा तय की गई थी। लेकिन काम समय पर पूरा नहीं हुआ। अब प्रबंधन ने और समय मांगा है। कोर्ट ने इसे लापरवाही माना है।
अदालत ने 30 मई 2026 तक सभी कार्य पूरे करने का आदेश दिया है। मुख्य न्यायाधीश एम एस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की पीठ ने यह निर्देश दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि अब देरी बर्दाश्त नहीं होगी। रिम्स प्रबंधन को सख्ती से काम करने को कहा गया है। नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी करनी होगी। मशीनों की खरीद में तेजी लानी होगी। भवन निर्माण कार्य को पूरा करना जरूरी है। जर्जर भवनों की मरम्मत भी अनिवार्य की गई है। हर कार्य की निगरानी की जाएगी। अदालत ने सख्त चेतावनी दी है।
रिम्स निदेशक को सभी कार्यों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। उन्हें समय पर रिपोर्ट देनी होगी। 10 मई तक प्रगति रिपोर्ट दाखिल करनी है। रिपोर्ट में सभी कार्यों की जानकारी देनी होगी। अदालत ने कहा कि बहाने नहीं चलेंगे। अब जवाबदेही तय कर दी गई है। लोगों में सुधार की उम्मीद जगी है। रिम्स की स्थिति बेहतर होने की संभावना है। सभी की नजर अब अंतिम समय सीमा पर है। यह समय रिम्स के लिए निर्णायक साबित होगा।