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अभ्यर्थियों के संपर्क और गतिविधियों की जांच जारी.
जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर सीआईडी की एसआईटी लगातार जांच कर रही है। जांच एजेंसी ने अब सफल अभ्यर्थियों की गतिविधियों पर भी ध्यान केंद्रित किया है। एसआईटी की ओर से करीब 100 सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ की जा चुकी है। सोमवार को भी लगभग 20 अभ्यर्थियों से पूछताछ की गयी। कुछ अभ्यर्थियों की भूमिका संदिग्ध मिलने के बाद उनसे दोबारा जानकारी ली जा रही है। एसआईटी अलग-अलग चरणों में अभ्यर्थियों से पूछताछ कर रही है। मंगलवार को 24 से अधिक सफल अभ्यर्थियों को फिर से समन भेजा गया। पूछताछ में परीक्षा की तैयारी और चयन प्रक्रिया से जुड़े सवाल शामिल हैं। अभ्यर्थियों से परीक्षा परिणाम और उससे जुड़ी गतिविधियों की जानकारी भी ली जा रही है। जांच टीम यह भी देख रही है कि सफल अभ्यर्थियों के संपर्क में कौन-कौन लोग थे। संदिग्ध लोगों के साथ किसी तरह का संबंध मिलने पर उसकी भी पड़ताल की जा रही है।
सीआईडी की जांच में अभय तिवारी से लगातार पूछताछ का सिलसिला भी जारी है। सोमवार को उससे एक बार फिर पूछताछ की गयी। जांच एजेंसी परीक्षा से जुड़ी उसकी भूमिका और संपर्कों की जानकारी हासिल कर रही है। अभय तिवारी सीजीएल परीक्षा में सफल होकर सरकारी नौकरी हासिल कर चुका है। वह टीडीपीएल में मार्केटिंग मैनेजर के पद पर काम कर चुका है। एसआईटी उसके संपर्क में रहे अभ्यर्थियों और अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। जांच में अभय तिवारी के गुरु के रूप में मिथिलेश सिंह का नाम सामने आया है। इसके बाद एसआईटी ने मिथिलेश सिंह के घर पर भी दबिश दी। टीम ने वहां मामले से जुड़े तथ्यों और संभावित सबूतों की जांच की। अधिकारियों की ओर से दोनों के संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है। परीक्षा से जुड़े कथित नेटवर्क की जानकारी जुटाना जांच का अहम हिस्सा बना हुआ है।
मामले में गिरफ्तार अभय तिवारी की पत्नी सुषमा और भाई अक्षय को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया है। जांच में दोनों के सीजीएल परीक्षा में सफल होने और सरकारी नौकरी हासिल करने की जानकारी सामने आयी है। एसआईटी अब दोनों की भूमिका की भी जांच कर रही है। इसके अलावा अन्य सफल अभ्यर्थियों के साथ उनके संभावित संपर्कों की जानकारी जुटायी जा रही है। जांच एजेंसी पूछताछ से मिली जानकारी का दस्तावेजों के साथ मिलान कर रही है। परीक्षा से जुड़े संदिग्ध लोगों के बीच संपर्कों को भी खंगाला जा रहा है। एसआईटी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित अनियमितताओं का नेटवर्क कितना बड़ा था। जांच में सामने आने वाले प्रत्येक तथ्य को अलग-अलग स्तर पर सत्यापित किया जा रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि आगे की जांच में मामले की कई अहम कड़ियां स्पष्ट हो सकती हैं। जांच के आधार पर आने वाले दिनों में और लोगों से पूछताछ या कार्रवाई की संभावना है।