jharkhand high court
उम्र और CCTV को लेकर एसएसपी से मांगी कार्रवाई.
डोरंडा थाना से जुड़े हिरासत मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सुनवाई की। फिरोज अंसारी और अन्य की हेवियस कॉरपस याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट को बताया गया कि थाना का सीसीटीवी खराब है। इस पर अदालत ने रांची एसएसपी को निर्देश दिया।
एसएसपी को शहर के सभी थानों के सीसीटीवी की जांच करनी है। डोरंडा थाना का कैमरा ठीक कराने को भी कहा गया है। याचिकाकर्ताओं के वकील सूरज किशोर प्रसाद ने उम्र को लेकर पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि किशोर को 19 वर्ष का बताकर रिमांड पर भेजा गया। परिजनों ने उसकी उम्र कम होने का दावा किया है। जन्म प्रमाणपत्र भी पुलिस को सौंपे जाने की बात कही गई है। याचिका में चार सितंबर को हिरासत में लेने का आरोप लगाया गया है।
आठ सितंबर को किशोर को न्यायिक रिमांड में भेजा गया था। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने को कहा था। थाना प्रभारी ने कैमरा खराब होने की जानकारी दी थी। याचिकाकर्ताओं ने जन्मतिथि 21 अप्रैल 2009 बताई है। उनके अनुसार चार सितंबर 2026 को किशोर 17 वर्ष का था। इस दावे के समर्थन में आधार कार्ड की प्रति अदालत में दी गई। राज्य के दस्तावेजों में आठ सितंबर को उम्र 19 वर्ष दर्ज थी। मेडिकल फिटनेस के समय भी 19 वर्ष दर्ज होने की बात सामने आई।
कोर्ट ने सरकार से उम्र तय करने का आधार पूछा था। अदालत ने मेडिकल दस्तावेज में दर्ज उम्र को रिमांड का आधार बनाने पर भी सवाल किया। कोर्ट के अनुसार दस्तावेजों में तारीखों पर ओवरराइटिंग दिखाई दी। अदालत ने कथित हेरफेर को गंभीरता से लिया। कोर्ट ने कहा कि ऐसी स्थिति रिमांड के समय ध्यान में लाई जानी चाहिए थी। इसके बावजूद रिमांड आदेश पारित होने पर सवाल उठाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायिक आयुक्त से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट में दस्तावेजों की स्थिति और रिमांड आदेश की प्रक्रिया स्पष्ट करने को कहा गया है। कोर्ट यह भी जानना चाहता है कि कथित ओवरराइटिंग के बावजूद रिमांड कैसे पारित हुआ। मामले में आगे की सुनवाई के दौरान रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।