dinesh kumar yadav
आयुष सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने पर जोर.
रांची में बुधवार को 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम का विषय “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” रखा गया था। कार्यक्रम में आयुर्वेद की उपयोगिता और स्वस्थ जीवनशैली पर चर्चा हुई। निदेशक आयुष दिनेश कुमार यादव ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन, वैज्ञानिक और समग्र चिकित्सा पद्धति है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य केवल रोगों का उपचार करना नहीं है। आयुर्वेद संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और स्वस्थ जीवनशैली को भी महत्व देता है। उन्होंने मानसिक शांति को बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी बताया। यादव ने कहा कि वर्तमान समय में जीवनशैली में तेजी से बदलाव हो रहा है। अनियमित खान-पान और बढ़ता तनाव लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है। पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियां भी स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन रही हैं। ऐसे में आयुर्वेद की उपयोगिता और बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने की जरूरत है। इसके लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया। उन्होंने निवारक और उपचारात्मक आयुष सेवाओं को मजबूत करने की बात कही। समाज के अंतिम व्यक्ति तक आयुष पद्धति का लाभ पहुंचाने को प्राथमिकता देने की अपील की गई। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में काम करने वाले आयुष कर्मियों को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।
यादव ने कहा कि स्थानीय स्तर पर आयुष कर्मी लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सलाह दे सकते हैं। वे योग और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति भी लोगों को जागरूक कर सकते हैं। औषधीय पौधों के बारे में जानकारी देना भी उनके कार्य का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद दिवस को केवल एक औपचारिक कार्यक्रम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह लोगों को आयुर्वेद के सिद्धांतों को दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित करने का अवसर है। उन्होंने आयुष पदाधिकारियों और कर्मचारियों से निष्ठा के साथ सेवाएं देने की अपील की। राज्यभर में आयुर्वेद दिवस के कार्यक्रम व्यापक स्तर पर आयोजित करने पर भी जोर दिया गया। विद्यालयों और महाविद्यालयों में आयुर्वेद एवं योग से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम चलाने की बात कही गई। पंचायतों और सामुदायिक स्तर पर भी ऐसी गतिविधियां बढ़ाने का सुझाव दिया गया। शिवजी वर्मा ने लोगों से समर्पण के साथ सेवा करने की अपील की। उन्होंने स्वस्थ और दीर्घायु जीवन के उपायों की जानकारी साझा की। उप निदेशक आयुर्वेद डॉ. कृष्ण कुमार ने आयुर्वेद से स्वास्थ्य लाभ लेने के विभिन्न उपाय बताए। उन्होंने लोगों को आयुर्वेद की उपयोगिता के प्रति जागरूक करने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान औषधीय पौधों का रोपण भी किया गया। झारखंड राज्य आयुष चिकित्सा परिषद के निबंधक डॉ. वकील कुमार सिंह ने आयुर्वेद के महत्व पर जानकारी दी। कार्यक्रम में यूनानी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. फजलुस समी और होम्योपैथिक चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. निर्मल कुमार भी मौजूद रहे। राज्य समन्वयक डॉ. अनुज कुमार मंडल सहित आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी और योग प्रशिक्षक कार्यक्रम में शामिल हुए। आयुष निदेशालय और जिला संयुक्त औषधालय के कर्मियों की भी मौजूदगी रही। कार्यक्रम का समापन डॉ. कृष्ण कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।