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बेनामी संपत्ति और नकदी बरामद जांच का दायरा लगातार बढ़ा.
धनबाद में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोयला कारोबारियों से जुड़े कई ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की है। यह छापेमारी चर्चित कोयला कारोबारी एलबी सिंह और अनिल गोयल से जुड़े लोगों के परिसरों में की गई। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज एजेंसी के हाथ लगे हैं। इनमें बेनामी चल और अचल संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड शामिल बताए जा रहे हैं। इन दस्तावेजों का विस्तृत परीक्षण किया जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बरामद बेनामी संपत्तियों का अनुमानित मूल्य करीब 100 करोड़ रुपये आंका गया है। छापेमारी के दौरान लगभग एक करोड़ रुपये नकद भी बरामद होने की जानकारी सामने आई है। ईडी की टीम सभी बरामद साक्ष्यों का सत्यापन कर रही है। संबंधित संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। मामले की जांच कई स्तरों पर आगे बढ़ रही है।
मंगलवार सुबह करीब साढ़े छह बजे ईडी ने कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। कार्रवाई कारोबारियों के करीबी सहयोगियों, साझेदारों, अकाउंटेंट और चार्टर्ड अकाउंटेंट के ठिकानों पर की गई। कुछ परिसरों में तलाशी पूरी हो चुकी है। वहीं कई स्थानों पर जांच अभी भी जारी है। एजेंसी ने बड़ी संख्या में दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए हैं। सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों की टीम वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों के रिकॉर्ड का मिलान कर रही है। जांच के दौरान मिले प्रत्येक साक्ष्य का कानूनी परीक्षण किया जा रहा है। ईडी पूरे नेटवर्क की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार इससे पहले भी ईडी दोनों कारोबारियों और उनकी कंपनियों से जुड़े परिसरों पर कार्रवाई कर चुकी है। पिछली छापेमारी में मिले दस्तावेजों के आधार पर दोनों कारोबारियों से पूछताछ भी की गई थी। अब नए साक्ष्यों के आधार पर दोबारा छापेमारी की गई है। इससे पहले आयकर विभाग, जीएसटी और अन्य एजेंसियां भी कार्रवाई कर चुकी हैं। पूर्व की आयकर जांच में एलबी सिंह से जुड़े 100 करोड़ रुपये का मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा था। ईडी अब पुराने और नए दस्तावेजों का मिलान कर रही है। एजेंसी का कहना है कि जांच निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। सभी पहलुओं की गहन जांच के बाद आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल पूरे मामले पर एजेंसी की नजर बनी हुई है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।